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About Madhya Pradesh State Employment Guarantee Council mGovernance Portal and its services


महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम - मध्यप्रदेश अन्तर्गत मजदूरो द्वारा रोजगार की मांग करने, समय पर मजदूरी भुगतान प्राप्त न होने तथा ग्राम पंचायत द्वारा श्रमिकों की दैनिक उपस्थिती तथा प्रचलित कार्यो की संख्या आदि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारिया विलम्ब से प्राप्त होने के कारण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभिन्न स्तरो पर मानिटरिंग में कठिनार्इ आती है। real-time सूचनाओ के अभाव में अक्सर, समस्याओं का सामयिक रूप से निराकरण न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष एवं शिकायत की स्थितियाँ भी निर्मित होती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना संचार प्रोध़ोगिकी के व्यापक प्रसार एवं आम ग्रामीण जनों के पास मोबार्इल फोन की उपलब्धता के कारण सूचनाओं का आदान-प्रदान करना सहजता से संभव होने के कारण मनरेगा योजना में इसके उपयोग का अभिनव प्रयोग मनरेगा परिषद द्वारा एनआर्इसी भेापाल के तकनिकी सहयोग से प्रारंभ किया गया है।
प्रारंभिक तौर पर इसमें तीन बिंदुओं को शामिल किया गया है-
  • काम की मांग (Job Demand)
  • मजदूरी भुगतान प्राप्त न होना (Wage not received)
  • प्रतिदिन श्रमिक रिपोर्ट (Daily Report on ongoing works and engaged workers)
किसी भी साधारण Mobile Device का उपयोग कर श्रमिक द्वारा काम की मांग करने या किये गये कार्य का भुगतान नियत समय पर न होने की सूचना एक विषेष नं             9212357123       पर SMS द्वारा Key words-JOB अथवा WNR-Space- Job card No. लिखकर भेजी जावेगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत सचिव/ग्राम रोजगार सहायक द्वारा उनके रजिस्टर्ड मोबार्इल नम्बर से दैनिक श्रमिक रिपोर्ट हेतु DR लिखकर ग्राम पंचायत व लाइन डिपार्टमेंट द्वारा रोजगार पर रखे गये श्रमिकों की संख्या व कार्य संख्या की जानकारी भेजी जावेगी। उदाहरण के लिए :-
ग्राम पंचायत सचिव/ग्राम रोजगार सहायक द्वारा अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से दैनिक श्रमिक रिपोर्ट भेजने हेतु मोबाइल के मैसेज बाक्स में लिखे DR<space> 5 100 3 80 2 20
  • 5 - पंचायत क्षेत्र में चल रहे कार्य
  • 100 - पंचायत क्षेत्र में कुल कार्यरत श्रमिक
  • 3 - ग्राम पंचायत द्वारा चल रहे कार्य
  • 80 - ग्राम पंचायत के कार्यो पर कार्यरत श्रमिक
  • 2 - लार्इन विभाग द्वारा चल रहे कार्य
  • 20 - लार्इन विभाग के कार्यो पर कार्यरत श्रमिक
सिस्टम द्वारा एसएमएस प्राप्त होने की सूचना प्रेषक को स्वत: भेज दी जावेगी। मोबार्इल फोन के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध रजिस्टर्ड कियोस्क के द्वारा भी यह जानकारी भेजी जा सकेगी।
श्रमिक द्वारा भेजी गर्इ सूचना संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव,सरंपच,ग्राम रोजगार सहायक एवं संबंधित उपयंत्री को भी उनके मोबार्इल पर SMS द्वारा स्वत: प्राप्त होगी। जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारियों द्वारा यह सूचना Web Portal पर देखी जा सकेगी। सूचना प्रेषण पश्चात काम की मांग हेतु आवेदन देने हेतु संबंधित श्रमिक को ग्राम पंचायत में उपसिथत होना आवश्यक होगा। जिससे संबंधित परिवार को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। यहा यह स्पष्ट किया जाता है कि SMS या वेब साइट के माध्यम से श्रमिक द्वारा भेजी गर्इ मजदूरी की माग मात्र सूचना मानी जावेगी।
प्राप्त सूचना का उपयोग जनपद, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर लगातार Monitoring कर प्रभावी कदम उठाने में किया जा सकेगा। इस हेतु समय-समय पर पर आवश्यक Alerts भी उपलब्ध होंगे। इसी प्रकार इस सुविधा का उपयोग राज्य स्तर/जिला स्तर से कोर्इ विशेष सूचना/अभियान की जानकारी का प्रेषण भी ग्राम पंचायत स्तर तक के पदाधिकारियों को तत्काल किया जा सकेगा।

और अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र की ग्रामपंचायत/ जनपद पंचायत/ जिला पंचायत मे संपर्क करें|


Shivraj Singh Chouhan,  Chief Minister  Madhya Pradesh

SHIVRAJ SINGH CHOUHAN, 

CHIEF MINISTER MADHYA PRADESH

I am happy to note that a document is being brought out to highlight a positive change in rural life of Madhya Pradesh due to effective implementation of NREGS-MP. The speedy integrated development in the state is leading to prosperity of rural families. Access of rural families to necessary facilites and essential sevices has improved considerably. The poor families are now leading a dignified life. The focus is on the most vulnerable people. The National Rural Employment Guarantee Scheme MP is being implemented so creatively that the needy rural families have job opportunities and sustalbable assets are dotting the rural areas. The Government of Madhya Pradesh has taken a number of initiatives for protection of livelilhoods. The impact of NREGS is distinctly visible in the state. The involvemnt of Panchayat Raj Institutions in plantations, land improvements, creation of irrigation sources etc. has yielded encouraging results. Consequently, the poor rural families are marching forward on the path of development. I wish the scheme all success for the future. Shivraj Singh Chouhan Chief Minister

8 comments:

  1. shree maan roshan ji parmar 10sept ki mahapanchayat main sabhi GRS ko mantriji ne anuband na karne ki baat kahi thi kintu janpad se anuband karne ko kaha ja raha hai
    ath.. nivedan hai ki mantriji se charcha kar anuband niristi ke aadesh NEWS PAPER main nilkale jaye jisse sanghthan bhramit naa hove

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  2. 3200 me na hoga guzara chordo naukri karo natagiri

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  3. salary nahi bardi april se

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  4. mahendra pratap ahirwar gram panchayat garroli jatara tikamgarh

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  5. sir hamari gram panchayat me rojgar
    sahayak ki post nikli he.
    jisme mene form dala he.
    mere 12th me 70% he.
    or computer diploma govt.
    polytechnic college ka he.
    data entry oprater ka.
    .
    do logo ne or form dala he or dono
    ke 69% he.
    or unke pass computer diploma bhi
    he.
    ek ke pass pgdca he or ek ke pass iti
    se copa 1 year ka computer course
    he.
    kya mera is post me selection hone
    ke chance he..
    pls sir aap batao...

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  6. 3200 me hi jeevan bhar naukari karo ...rojgar sahayak..kuch nahi hone wala

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